“याद उनकी, सेवा हमारी”
ज़कात, सदक़ा-ए-फ़ित्र एवं सदक़ात/दान संग्रह एवं वितरण नीति
कुरआन व सुन्नत के मूल सिद्धांतों, सहीह बुखारी व मुस्लिम की प्रामाणिक हदीसों पर आधारित—MFCT को ज़कात का वकील/अमीन नियुक्त करने, पारदर्शी लेखा-जोखा और पृथक फंड प्रबंधन की आधिकारिक नियमावली।
मूल शरीअती सिद्धांत एवं MFCT की भूमिका
ज़कात का उद्देश्य (Purpose of Zakat)
MFCT द्वारा प्राप्त ज़कात की राशि केवल उन व्यक्तियों/मदों तक पहुँचाई जाएगी जो शरीअत के अनुसार ज़कात के हकदार हों।
नबी ﷺ ने हज़रत मुआज़ رضي الله عنه को यमन भेजते हुए फरमाया: “यह उनके मालदारों से ली जाएगी और उनके गरीबों को दी जाएगी।”
⚠️ इसलिए MFCT की सामान्य सामाजिक गतिविधियों और ज़कात फंड को एक ही अर्थ में नहीं माना जाएगा।
MFCT की भूमिका (Role of MFCT as Wakīl/Amīn)
ज़कात देने वाला व्यक्ति MFCT को अपनी ज़कात का वकील/अमीन नियुक्त कर सकता है, ताकि MFCT उसकी ओर से ज़कात की रकम को योग्य लाभार्थी तक पहुँचाए।
नबी ﷺ ने ज़कात संग्रह के लिए कर्मचारी नियुक्त किए थे। हज़रत इब्न अल-लुत्बिया को ज़कात संग्रह का कार्य दिया गया और वापस आने पर उनका हिसाब लिया गया।
इससे ज़कात के संग्रह और उसके हिसाब-किताब की व्यवस्था की मूल मिसाल मिलती है।
ZAKAT AUTHORISATION & WAKALAH UNDERTAKING
दाता द्वारा भरा जाने वाला अधिकृत शरीअती एवं वैधानिक घोषणा पत्र
“यह घोषित करता/करती हूँ कि उपरोक्त राशि मेरी ज़कात की राशि है। मैं MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT) को अपनी ओर से इस राशि को वकील/अमीन के रूप में प्राप्त करने तथा शरीअत के अनुसार योग्य ज़कात लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए अधिकृत करता/करती हूँ।”
दाता द्वारा स्वीकृत 10 अनिवार्य शर्तें (Understood & Agreed Clauses):
यह राशि सामान्य unrestricted donation नहीं है।
MFCT इस राशि को अपनी व्यक्तिगत या सामान्य व्यावसायिक संपत्ति के रूप में उपयोग नहीं करेगा।
राशि का उपयोग केवल शरीअत के अनुसार योग्य ज़कात लाभार्थियों/मदों के लिए किया जाएगा।
MFCT लाभार्थी की पात्रता की निष्पक्ष जाँच कर सकता है।
आवश्यकता होने पर MFCT पहचान, आर्थिक स्थिति और पात्रता से संबंधित दस्तावेज माँग सकता है।
MFCT ज़कात फंड का अलग रिकॉर्ड/लेखा (Dedicated Ledger) रखेगा।
मेरी ओर से MFCT को यह अधिकार होगा कि वह मेरी ज़कात को किसी उपयुक्त पात्र लाभार्थी तक पहुँचाए।
किसी व्यक्ति को केवल “गरीब दिखने” के आधार पर ज़कात नहीं दी जाएगी; उपलब्ध जानकारी से जाँच होगी।
यदि कोई व्यक्ति ज़कात के लिए पात्र नहीं पाया जाता है तो MFCT उसे ज़कात फंड से भुगतान नहीं करेगा।
प्रशासनिक/प्रचार में ज़कात तभी उपयोग होगी जब शरीअत के अनुसार स्पष्ट आधार हो और सक्षम शरीअती सलाहकार की लिखित अनुमति हो।
दाता की घोषणा: “मैंने उपरोक्त राशि अपनी ज़कात के रूप में MFCT को बतौर वकील/अमीन सौंपने की अनुमति दी है और MFCT से अपेक्षा करता/करती हूँ कि इसे शरीअत के अनुसार हकदार तक पहुँचाया जाए।”
MFCT ZAKAT FUND — अलग Ledger व पारदर्शी ऑडिट
MFCT में ज़कात की राशि का अलग ledger रखा जाएगा। प्रत्येक प्राप्ति (Receipt) और वितरण (Disbursement) के लिए निम्नलिखित 12 प्रविष्टियाँ दर्ज की जाती हैं:
“नबी ﷺ द्वारा नियुक्त ज़कात संग्रहकर्ता से वापस आने पर पाई-पाई का हिसाब लिया गया था। इससे accountability और record keeping की महत्वपूर्ण मिसाल मिलती है।”
ZAKAT BENEFICIARY DECLARATION
सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थी का सत्यापन एवं स्व-घोषणा पत्र
“यह घोषणा करता/करती हूँ कि मैं आर्थिक रूप से जरूरतमंद हूँ और MFCT द्वारा माँगी गई जानकारी मेरे ज्ञान के अनुसार सही है। मैं समझता/समझती हूँ कि MFCT मेरी जानकारी की निष्पक्ष जाँच कर सकता है।”
सदक़ा-ए-फ़ित्र की अनिवार्यता एवं MFCT Fitra Fund
MFCT फ़ितरा को भी पूर्णतः अलग रिकॉर्ड और अलग बैंक/लेजर खाते में रखेगा।
“नबी ﷺ ने सदक़ा-ए-फ़ित्र को मुसलमानों पर अनिवार्य किया और उसे ईद की नमाज़ से पहले अदा करने का आदेश दिया।” — किताबुज़-ज़कात, बाब सदक़तुल-फ़ित्र।
MFCT की आधिकारिक नीति:
फ़ितरा प्राप्त होने पर उसे सामान्य donation में मिलाकर unrestricted fund नहीं माना जाएगा। इसके लिए अलग “MFCT FITRA FUND” बनाया गया है, जिसकी राशि को ईद से पूर्व पात्र जरूरतमंदों तक पहुँचाया जाना सुनिश्चित किया जाता है।
सामान्य नफ़्ल सदक़ा एवं उद्देश्य-आधारित उपयोग
सामान्य नफ़्ल सदक़ा के लिए अलग व्यवस्था होगी। दाता लिख सकता है:
इसमें ज़कात जैसी विशिष्ट पाबंदी नहीं होगी, लेकिन दाता ने यदि कोई विशेष उद्देश्य निर्धारित किया है (जैसे विशेष चिकित्सा या भोजन), तो Trust उस उद्देश्य का पूर्ण सम्मान करेगा।
GENERAL DONATION AUTHORISATION
ट्रस्ट के सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के लिए सामान्य दान प्राधिकरण
मैं, नाम: __________________________, MFCT को ₹________________ की राशि सामान्य donation के रूप में स्वेच्छा से प्रदान करता/करती हूँ। मैं MFCT को यह अधिकार देता/देती हूँ कि Trust की नीतियों, Trust Deed और लागू कानून के अनुसार इस राशि को सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में उपयोग करे।
संभावित कार्य एवं अनुमत सेवा क्षेत्र (11 Permissible Welfare Heads):
MFCT Accounting में चार अलग-अलग Categories
| Fund Category | अधिकृत उपयोग (Authorised Application) | Shariah Governance |
|---|---|---|
| Zakat Fund | शरीअत के अनुसार ज़कात के पात्र लाभार्थी (मसा़रिफ़-ए-ज़कात) | 100% Restricted |
| Fitra Fund | शरीअत के अनुसार फ़ितरा के पात्र लाभार्थी (ईद से पूर्व वितरण) | Time & Recipient Restricted |
| Sadaqah Fund | सामान्य सदक़ा के निर्धारित सामाजिक व राहत कार्य | Cause-Specific Allocation |
| General Donation Fund | Trust Deed के अनुमत सामाजिक, मानवीय व संचालन कार्य | General Permissible Pool |
“एक Fund की राशि को दूसरे Fund में बिना उचित शरीअती/प्रशासनिक आधार के transfer नहीं किया जाएगा।”
ज़कात राशि के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध
ज़कात की रकम को MFCT के निम्नलिखित मदों में स्वतः खर्च नहीं किया जाएगा:
हालाँकि शरीअत में “आमिलीन अलैहा” अर्थात ज़कात संग्रह/प्रबंधन से संबंधित एक श्रेणी का उल्लेख मिलता है; हदीस में भी ज़कात संग्रह करने वाले कर्मचारी का उल्लेख है (सहीह बुखारी 1500 और सुनन अबी दाऊद 1635 में ज़कात संग्रहकर्ता के संबंध में चर्चा मिलती है)।
दाता को “मालिकाना हक़” वाली भाषा में क्या नहीं लिखना चाहिए
कारण: ऐसा लिखने से ज़कात की विशिष्ट शरीअती पाबंदी समाप्त होने का भ्रम होता है, जो कि नाजायज़ है।
लाभ: यह वाक्य शरीअती और वैधानिक दोनों दृष्टिकोणों से पूर्णतः प्रामाणिक और दोषमुक्त है।
“सहीह मुस्लिम की हदीस में यह बात सामने आती है कि जब सदक़ा किसी पात्र व्यक्ति के कब्ज़े (Tamleek) में पहुँच गया तो उसकी स्थिति बदल गई—हज़रत बरीरा رضي الله عنها को दी गई सदक़े की चीज़ के बारे में नबी ﷺ ने फरमाया कि वह उसके लिए सदक़ा और दूसरे के लिए हदिया (उपहार) है।”
MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT)
याद उनकी, सेवा हमारी • Reg. No. 258/2026 / 301/2026
MFCT की पूरी व्यवस्था के 6 मूल शरीअती आधार
MFCT की पूरी व्यवस्था के पीछे कम-से-कम ये हदीसें आधिकारिक रिकॉर्ड में रखी गई हैं:
ज़कात मालदारों से लेकर गरीबों को देने का स्पष्ट नबवी निर्देश।
नबी ﷺ द्वारा ज़कात संग्रहकर्ता नियुक्त करना और वापस आने पर उसका पाई-पाई हिसाब लेना।
सदक़ा-ए-फ़ित्र की अनिवार्यता और ईद की नमाज़ से पहले अदा करने का आदेश।
सदक़े की वस्तु पात्र व्यक्ति के कब्ज़े (Tamleek) में आने के बाद उसकी स्थिति का उदाहरण (हज़रत बरीरा رضي الله عنها)।
ज़कात संग्रह करने वाले व्यक्ति के संबंध में “आमिल” का उल्लेख और उसकी शर्तें।
नबी ﷺ ने दिए हुए सदक़े को वापस लेने से मना किया (अल्लाह के नाम दिए दान की पवित्रता)।
MFCT के तीन प्रमुख Undertaking स्तम्भ
और बैंक/अकाउंटिंग में भी Zakat, Fitra और General Donation की अलग पहचान रखें। इससे शरीअती और प्रशासनिक दोनों स्तर पर व्यवस्था काफी स्पष्ट रहेगी।
MFCT का संकल्प है: अमानत में खयानत नहीं, हकदार तक पूरा हक।
मरहूम मोहम्मद फ़ईम साहब की याद में स्थापित यह ट्रस्ट शरीअत के उसूलों और मानवीय संवेदनाओं के साथ आपकी ज़कात और सदक़ात को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुँचाने के लिए वचनबद्ध है।
MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT) • Reg. No. 258/2026 & 301/2026 • “याद उनकी, सेवा हमारी”
