याद उनकी, सेवा हमारी
MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT)

“याद उनकी, सेवा हमारी”

ज़कात, सदक़ा-ए-फ़ित्र एवं सदक़ात/दान संग्रह एवं वितरण नीति

Reg. No.: 301/2026 & 258/2026शरीअती अनुपालन एवं पारदर्शिता नीति

कुरआन व सुन्नत के मूल सिद्धांतों, सहीह बुखारी व मुस्लिम की प्रामाणिक हदीसों पर आधारित—MFCT को ज़कात का वकील/अमीन नियुक्त करने, पारदर्शी लेखा-जोखा और पृथक फंड प्रबंधन की आधिकारिक नियमावली।

ज़कात फंड100% शरीअती मदकेवल योग्य मुस्तहिक़ीन तक
वकील / अमीन व्यवस्थाअमानत का सिद्धांतलिखित डिक्लेरेशन व ऑडिट
4 स्वतंत्र खातेशून्य इंटर-ट्रांसफरZakat, Fitra, Sadaqah, Gen
प्रशासनिक खर्च0% ज़कात से व्ययट्रस्टी/स्टाफ/विज्ञापन पर रोक
+91 82180 17226
भाग–A : मूल शरीअती सिद्धांत
Clause A.1 & A.2

मूल शरीअती सिद्धांत एवं MFCT की भूमिका

1

ज़कात का उद्देश्य (Purpose of Zakat)

MFCT द्वारा प्राप्त ज़कात की राशि केवल उन व्यक्तियों/मदों तक पहुँचाई जाएगी जो शरीअत के अनुसार ज़कात के हकदार हों।

हदीस शरीफ़ — सहीह अल-बुखारी 1395

नबी ﷺ ने हज़रत मुआज़ رضي الله عنه को यमन भेजते हुए फरमाया: “यह उनके मालदारों से ली जाएगी और उनके गरीबों को दी जाएगी।”

⚠️ इसलिए MFCT की सामान्य सामाजिक गतिविधियों और ज़कात फंड को एक ही अर्थ में नहीं माना जाएगा।

2

MFCT की भूमिका (Role of MFCT as Wakīl/Amīn)

ज़कात देने वाला व्यक्ति MFCT को अपनी ज़कात का वकील/अमीन नियुक्त कर सकता है, ताकि MFCT उसकी ओर से ज़कात की रकम को योग्य लाभार्थी तक पहुँचाए।

हदीस शरीफ़ — सहीह अल-बुखारी 1500

नबी ﷺ ने ज़कात संग्रह के लिए कर्मचारी नियुक्त किए थे। हज़रत इब्न अल-लुत्बिया को ज़कात संग्रह का कार्य दिया गया और वापस आने पर उनका हिसाब लिया गया।

इससे ज़कात के संग्रह और उसके हिसाब-किताब की व्यवस्था की मूल मिसाल मिलती है।

भाग–B : ज़कात के लिए MFCT Undertaking
10 Compulsory Conditions

ZAKAT AUTHORISATION & WAKALAH UNDERTAKING

दाता द्वारा भरा जाने वाला अधिकृत शरीअती एवं वैधानिक घोषणा पत्र

MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT)ज़कात वकील/अमीन नियुक्ति घोषणा पत्र
नाम (Donor Name):__________________________________________
पिता / पति का नाम:__________________________________________
पता (Complete Address):__________________________________________
मोबाइल नंबर (Mobile No):__________________________________________
राशि (Amount in ₹):₹ ________________________________________
राशि शब्दों में (In Words):__________________________________________

“यह घोषित करता/करती हूँ कि उपरोक्त राशि मेरी ज़कात की राशि है। मैं MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT) को अपनी ओर से इस राशि को वकील/अमीन के रूप में प्राप्त करने तथा शरीअत के अनुसार योग्य ज़कात लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए अधिकृत करता/करती हूँ।”

दाता द्वारा स्वीकृत 10 अनिवार्य शर्तें (Understood & Agreed Clauses):

1

यह राशि सामान्य unrestricted donation नहीं है।

2

MFCT इस राशि को अपनी व्यक्तिगत या सामान्य व्यावसायिक संपत्ति के रूप में उपयोग नहीं करेगा।

3

राशि का उपयोग केवल शरीअत के अनुसार योग्य ज़कात लाभार्थियों/मदों के लिए किया जाएगा।

4

MFCT लाभार्थी की पात्रता की निष्पक्ष जाँच कर सकता है।

5

आवश्यकता होने पर MFCT पहचान, आर्थिक स्थिति और पात्रता से संबंधित दस्तावेज माँग सकता है।

6

MFCT ज़कात फंड का अलग रिकॉर्ड/लेखा (Dedicated Ledger) रखेगा।

7

मेरी ओर से MFCT को यह अधिकार होगा कि वह मेरी ज़कात को किसी उपयुक्त पात्र लाभार्थी तक पहुँचाए।

8

किसी व्यक्ति को केवल “गरीब दिखने” के आधार पर ज़कात नहीं दी जाएगी; उपलब्ध जानकारी से जाँच होगी।

9

यदि कोई व्यक्ति ज़कात के लिए पात्र नहीं पाया जाता है तो MFCT उसे ज़कात फंड से भुगतान नहीं करेगा।

10

प्रशासनिक/प्रचार में ज़कात तभी उपयोग होगी जब शरीअत के अनुसार स्पष्ट आधार हो और सक्षम शरीअती सलाहकार की लिखित अनुमति हो।

दाता की घोषणा: “मैंने उपरोक्त राशि अपनी ज़कात के रूप में MFCT को बतौर वकील/अमीन सौंपने की अनुमति दी है और MFCT से अपेक्षा करता/करती हूँ कि इसे शरीअत के अनुसार हकदार तक पहुँचाया जाए।”

दाता के हस्ताक्षर: ________________________
दिनांक: ____ / ____ / 202___
भाग–C : ज़कात फंड की Accounting व्यवस्था
12 Tracking Parameters

MFCT ZAKAT FUND — अलग Ledger व पारदर्शी ऑडिट

MFCT में ज़कात की राशि का अलग ledger रखा जाएगा। प्रत्येक प्राप्ति (Receipt) और वितरण (Disbursement) के लिए निम्नलिखित 12 प्रविष्टियाँ दर्ज की जाती हैं:

1. Donor IDदाता का विशिष्ट कोड
2. प्राप्ति की तारीखजमा की प्रामाणिक तिथि
3. प्राप्त राशिवैध INR रकम
4. भुगतान माध्यमUPI / Bank / Cheque
5. Zakat Declarationलिखित शरीअती सहमति
6. Txn / Receipt No.यूनीक रसीद संख्या
7. लाभार्थी IDसत्यापित मुस्तहिक़ कोड
8. पात्रता Verificationशरीअती जांच रिकॉर्ड
9. भुगतान तारीखवितरण की तिथि
10. भुगतान राशिसौंपी गई रकम
11. वितरण माध्यमसीधा बैंक / प्रत्यक्ष
12. शेष राशिपारदर्शी क्लोजिंग बैलेंस
शरीअती मिसाल — सहीह अल-बुखारी 1500:

“नबी ﷺ द्वारा नियुक्त ज़कात संग्रहकर्ता से वापस आने पर पाई-पाई का हिसाब लिया गया था। इससे accountability और record keeping की महत्वपूर्ण मिसाल मिलती है।”

भाग–D : ज़कात के लाभार्थी की घोषणा
Beneficiary KYC Form

ZAKAT BENEFICIARY DECLARATION

सहायता प्राप्त करने वाले लाभार्थी का सत्यापन एवं स्व-घोषणा पत्र

नाम (Beneficiary Name):__________________________________________
पिता / पति का नाम:__________________________________________
पता (Full Residential Address):__________________________________________
परिवार के सदस्यों की संख्या:__________________________________________
मासिक अनुमानित आय (Monthly Income):₹ ________________________________________
मासिक आवश्यक खर्च (Essential Expenses):₹ ________________________________________
आवास स्थिति (Housing):किराये का ☐ / स्वयं का ☐ / अन्य ☐
कोई विशेष आर्थिक समस्या / बीमारी:__________________________________________

“यह घोषणा करता/करती हूँ कि मैं आर्थिक रूप से जरूरतमंद हूँ और MFCT द्वारा माँगी गई जानकारी मेरे ज्ञान के अनुसार सही है। मैं समझता/समझती हूँ कि MFCT मेरी जानकारी की निष्पक्ष जाँच कर सकता है।”

लाभार्थी हस्ताक्षर / अंगूठा: ________________________
दिनांक: ____ / ____ / 202___
भाग–E : फ़ितरा / सदक़ा-ए-फ़ित्र
MFCT Fitra Fund

सदक़ा-ए-फ़ित्र की अनिवार्यता एवं MFCT Fitra Fund

MFCT फ़ितरा को भी पूर्णतः अलग रिकॉर्ड और अलग बैंक/लेजर खाते में रखेगा।

हदीस शरीफ़ — सहीह अल-बुखारी 1503

“नबी ﷺ ने सदक़ा-ए-फ़ित्र को मुसलमानों पर अनिवार्य किया और उसे ईद की नमाज़ से पहले अदा करने का आदेश दिया।” — किताबुज़-ज़कात, बाब सदक़तुल-फ़ित्र।

MFCT की आधिकारिक नीति:

फ़ितरा प्राप्त होने पर उसे सामान्य donation में मिलाकर unrestricted fund नहीं माना जाएगा। इसके लिए अलग “MFCT FITRA FUND” बनाया गया है, जिसकी राशि को ईद से पूर्व पात्र जरूरतमंदों तक पहुँचाया जाना सुनिश्चित किया जाता है।

भाग–F : सामान्य सदक़ा (Voluntary Sadaqah)
MFCT Sadaqah Fund

सामान्य नफ़्ल सदक़ा एवं उद्देश्य-आधारित उपयोग

सामान्य नफ़्ल सदक़ा के लिए अलग व्यवस्था होगी। दाता लिख सकता है:

“मैं यह राशि अपनी स्वेच्छा से MFCT को सदक़ा के रूप में देता/देती हूँ और Trust को अधिकृत करता/करती हूँ कि इसे अपने निर्धारित सामाजिक एवं मानवीय उद्देश्यों के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता, भोजन, शिक्षा, चिकित्सा, आपदा राहत तथा अन्य जायज़ सामाजिक कार्यों में उपयोग करे।”
विशिष्ट उद्देश्य का सम्मान:

इसमें ज़कात जैसी विशिष्ट पाबंदी नहीं होगी, लेकिन दाता ने यदि कोई विशेष उद्देश्य निर्धारित किया है (जैसे विशेष चिकित्सा या भोजन), तो Trust उस उद्देश्य का पूर्ण सम्मान करेगा।

भाग–G : सामान्य Donation Undertaking
11 Charitable Domains

GENERAL DONATION AUTHORISATION

ट्रस्ट के सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के लिए सामान्य दान प्राधिकरण

मैं, नाम: __________________________, MFCT को ₹________________ की राशि सामान्य donation के रूप में स्वेच्छा से प्रदान करता/करती हूँ। मैं MFCT को यह अधिकार देता/देती हूँ कि Trust की नीतियों, Trust Deed और लागू कानून के अनुसार इस राशि को सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में उपयोग करे।

संभावित कार्य एवं अनुमत सेवा क्षेत्र (11 Permissible Welfare Heads):

गरीब एवं जरूरतमंद परिवार
शिक्षा एवं छात्रवृत्ति
चिकित्सा व दवाई सहायता
भोजन व राशन वितरण
आपदा राहत एवं बचाव
विधवा व असहाय सहायता
अनाथ बच्चों की सहायता
बेटी निकाह सहायता
आकस्मिक पारिवारिक सहायता
अंतिम संस्कार/जनाज़ा सहायता
अन्य वैध सामाजिक कार्य
दाता के हस्ताक्षर: ________________________
दिनांक: ____ / ____ / 202___
भाग–H : फंड पृथक्करण नियम
4 Distinct Categories

MFCT Accounting में चार अलग-अलग Categories

Fund Categoryअधिकृत उपयोग (Authorised Application)Shariah Governance
Zakat Fundशरीअत के अनुसार ज़कात के पात्र लाभार्थी (मसा़रिफ़-ए-ज़कात)100% Restricted
Fitra Fundशरीअत के अनुसार फ़ितरा के पात्र लाभार्थी (ईद से पूर्व वितरण)Time & Recipient Restricted
Sadaqah Fundसामान्य सदक़ा के निर्धारित सामाजिक व राहत कार्यCause-Specific Allocation
General Donation FundTrust Deed के अनुमत सामाजिक, मानवीय व संचालन कार्यGeneral Permissible Pool
महत्वपूर्ण शरीअती नियम (Strict Segregation Rule):

“एक Fund की राशि को दूसरे Fund में बिना उचित शरीअती/प्रशासनिक आधार के transfer नहीं किया जाएगा।”

भाग–I : कर्मचारियों व ट्रस्टियों के नियम
Strict Overhead Protection

ज़कात राशि के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

ज़कात की रकम को MFCT के निम्नलिखित मदों में स्वतः खर्च नहीं किया जाएगा:

FounderTrusteeChairmanSecretaryTreasurerसामान्य कर्मचारी वेतनOffice Expenses / किरायाविज्ञापन (Advertisement)वेबसाइट विकासमोबाइल ऐप विकाससामान्य प्रचार
“आमिलीन अलैहा” (Zakat Administrators) के संबंध में शरीअती स्थिति:

हालाँकि शरीअत में “आमिलीन अलैहा” अर्थात ज़कात संग्रह/प्रबंधन से संबंधित एक श्रेणी का उल्लेख मिलता है; हदीस में भी ज़कात संग्रह करने वाले कर्मचारी का उल्लेख है (सहीह बुखारी 1500 और सुनन अबी दाऊद 1635 में ज़कात संग्रहकर्ता के संबंध में चर्चा मिलती है)।

⚠️ लेकिन MFCT के निजी कर्मचारी या ट्रस्टी अपने-आप “आमिलीन” नहीं बन जाते। इसलिए इस हिस्से को स्थानीय मुफ़्ती से लिखित शरीअती राय लेकर ही लागू करना अनिवार्य होगा।
भाग–J : भाषा एवं शब्दावली में सावधानियां
Wakalah vs. Ownership

दाता को “मालिकाना हक़” वाली भाषा में क्या नहीं लिखना चाहिए

❌ यह वाक्य कदापि न लिखें:
“मैं अपनी ज़कात MFCT को पूर्ण मालिकाना हक़ से देता हूँ और अब Trust इसे अपनी मर्जी से किसी भी कार्य में खर्च कर सकता है।”

कारण: ऐसा लिखने से ज़कात की विशिष्ट शरीअती पाबंदी समाप्त होने का भ्रम होता है, जो कि नाजायज़ है।

✅ इसके बजाय यह अधिकृत वाक्य लिखें:
“मैं MFCT को अपनी ज़कात का वकील/अमीन नियुक्त करता/करती हूँ ताकि मेरी ओर से यह राशि शरीअत के अनुसार उसके हकदारों तक पहुँचाई जाए।”

लाभ: यह वाक्य शरीअती और वैधानिक दोनों दृष्टिकोणों से पूर्णतः प्रामाणिक और दोषमुक्त है।

शरीअती उदाहरण — सहीह मुस्लिम 1074a (हज़रत बरीरा رضي الله عنها):

“सहीह मुस्लिम की हदीस में यह बात सामने आती है कि जब सदक़ा किसी पात्र व्यक्ति के कब्ज़े (Tamleek) में पहुँच गया तो उसकी स्थिति बदल गई—हज़रत बरीरा رضي الله عنها को दी गई सदक़े की चीज़ के बारे में नबी ﷺ ने फरमाया कि वह उसके लिए सदक़ा और दूसरे के लिए हदिया (उपहार) है।”

भाग–K : MFCT Zakat Receipt Format
Reg. No. 258/2026 & 301/2026

MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT)

याद उनकी, सेवा हमारी • Reg. No. 258/2026 / 301/2026

OFFICIAL ZAKAT RECEIPTReceipt No.: MFCT-ZKT-2026-XXXX
दाता का नाम (Donor Name):_________________________________
प्राप्त राशि (Amount):₹ _____________________________
उद्देश्य (Purpose):☑ Zakat
भुगतान माध्यम (Payment Mode):
☐ UPI☐ Bank Transfer☐ Cheque☐ Cash (as per law)
दिनांक (Date):____ / ____ / 202___
“यह राशि दाता द्वारा ज़कात के रूप में MFCT को बतौर वकील/अमीन सौंपने हेतु दी गई है। MFCT इसे अपनी शरीअती नीति के अनुसार योग्य लाभार्थियों तक पहुँचाने का प्रयास करेगा।”
कार्यालय मुहर
MFCT SEAL
_________________________
Authorized SignatoryMOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST
शरीअती आधार : हदीस संदर्भ
6 Primary Citations

MFCT की पूरी व्यवस्था के 6 मूल शरीअती आधार

MFCT की पूरी व्यवस्था के पीछे कम-से-कम ये हदीसें आधिकारिक रिकॉर्ड में रखी गई हैं:

1
सहीह बुखारी 1395

ज़कात मालदारों से लेकर गरीबों को देने का स्पष्ट नबवी निर्देश।

2
सहीह बुखारी 1500

नबी ﷺ द्वारा ज़कात संग्रहकर्ता नियुक्त करना और वापस आने पर उसका पाई-पाई हिसाब लेना।

3
सहीह बुखारी 1503

सदक़ा-ए-फ़ित्र की अनिवार्यता और ईद की नमाज़ से पहले अदा करने का आदेश।

4
सहीह मुस्लिम 1074a

सदक़े की वस्तु पात्र व्यक्ति के कब्ज़े (Tamleek) में आने के बाद उसकी स्थिति का उदाहरण (हज़रत बरीरा رضي الله عنها)।

5
सुनन अबी दाऊद 1635

ज़कात संग्रह करने वाले व्यक्ति के संबंध में “आमिल” का उल्लेख और उसकी शर्तें।

6
सहीह बुखारी 1490

नबी ﷺ ने दिए हुए सदक़े को वापस लेने से मना किया (अल्लाह के नाम दिए दान की पवित्रता)।

शरीअती एवं प्रशासनिक स्पष्टता

MFCT के तीन प्रमुख Undertaking स्तम्भ

और बैंक/अकाउंटिंग में भी Zakat, Fitra और General Donation की अलग पहचान रखें। इससे शरीअती और प्रशासनिक दोनों स्तर पर व्यवस्था काफी स्पष्ट रहेगी।

① Zakat Wakalah Undertakingदाता से लिखित अमानत व एजेंसी अधिकार
② Fitra Wakalah Undertakingईद से पूर्व वितरण का विशिष्ट संकल्प
③ General Donation Undertakingमानवीय व सामाजिक कार्यों के लिए सहमति
MFCT का शरीअती संकल्प

MFCT का संकल्प है: अमानत में खयानत नहीं, हकदार तक पूरा हक।

मरहूम मोहम्मद फ़ईम साहब की याद में स्थापित यह ट्रस्ट शरीअत के उसूलों और मानवीय संवेदनाओं के साथ आपकी ज़कात और सदक़ात को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुँचाने के लिए वचनबद्ध है।

MOHAMMAD FAEEM CHARITABLE TRUST (MFCT) • Reg. No. 258/2026 & 301/2026 • “याद उनकी, सेवा हमारी”